रविवार, नवंबर 09, 2008

२५ किमी: २ घंटा १ मिनट और ४४ सेकेंड्स !!!

अब ह्यूस्टन मैराथन लगभग २ महीना और १ हफ़्ता दूर है । तैयारियाँ जोर पकड रही हैं, ट्रेनिंग रन लम्बे और ज्यादा लम्बे होते जा रहे हैं । हफ़्ते का कोटा ४८ किमी से बढकर ५५-६० किमी तक पंहुच रहा है । इसी सिलसिले में आज मैने एक २५ किमी की दौड दौडी । इस दौड में ८.३३३ किमी के रास्ते के तीन चक्कर लगाने थे । ये मेरी अब तक की सबसे लम्बी बिना रूके दौड थी और अब ये सिलसिला बढते बढते ४२.२ किमी तक जाकर रूकेगा ।

सबसे पहले कुछ तैयारियाँ और सबक जो मैने इस दौड के लिये तैयार किये । मैने अक्सर महसूस किया है कि मैं शुरूआत में काफ़ी तेजी से दौडना शुरू करता हूँ जिसके कारण कभी कभी बीच में मुझे अपनी रफ़्तार धीमी करनी पडती है । मैने फ़ैसला किया था कि आज पहला ८.३३३ किमी मैं धीमे दौडूँगा और उसके बाद रफ़्तार पकडी जायेगी । इसके अलावा मुझे बहुत ज्यादा खाने का शौक नहीं है जिसके चलते लम्बी दौडों में अक्सर अन्त में ऐसा लगता है कि अपने पेट/खून के टैक में पेट्रोल (ग्लाईकोजन -> ग्लूकोज) खत्म सा हो रहा है । इसके लिये पिछले पूरा हफ़्ता मैने जमकर खाना खाया । कल दोपहर में भारतीय रेस्तराँ में मन और पेट को दबा दबा कर भरा फ़िर रात में एक बडा सा सैंडविच खाया ।

आज सुबह सुबह मैं ६:३० पर नियत स्थान पर पंहुच गया था । हमेशा की तरह आज भी John Phillips और साथियों अपने धावक क्लब का तम्बू खडा कर रखा था । हम सब अपना बाकी सामान टैंट में छोडकर ६:४५ पर आरम्भ पंक्ति पर आ गये । अमेरिका के राष्ट्रगान के पश्चात अफ़गानिस्तान और ईराक में लड रहे उनके सैनिकों को याद करके ठीक सात बजे बन्दूक की आवाज पर दौड प्रारम्भ हो गयी ।



( हमारे धावक क्लब का तम्बू )

पहले दो किमी पलक झपकते ही पूरे हो गये, अब दौडने वाली मांशपेशियाँ धीरे धीरे अपने सुर/ताल में आ रही थीं । पाँच किमी पूरे हुये और मुझे अपने आप को धीरे दौडने के लिये याद दिलाना पड रहा है क्योंकि जब लोग दौड में आपसे आगे निकलते हैं तो बहुत अच्छा नहीं लगता वो भी तब जब आप चाहें तो तेज दौडकर उनको पीछे छोड सकते हैं । कुछ हफ़्ते पहले मेरे एक धावक मित्र ने मुझे एक मंत्र दिया था । उन्होने कहा था कि २५ किमी की दौड में तुम पहले १० किमी में २ मिनट बचाकर बाकी १५ किमी में ५ मिनट गंवाना पसन्द करोगे कि पहले १० किमी में ३ मिनट गंवाकर बाकी १५ किमी में ६ मिनट बचाना । इसी को मन में याद रखते हुये मैं धीरे धीरे दौडता रहा । पहला लूप समाप्त हुया और ८.३३३ किमी दौडने में ठीक ४३ मिनट का समय लगा ।

दूसरे लूप में मैने अपनी रफ़्तार थोडी तेज की लेकिन अभी भी डर लग रहा था कि बहुत तेज नहीं दौडना है । दूसरे लूप को दौडने में सबसे अधिक आनन्द आया । जो लोग पहले लूप में तेजी से दौड रहे थे वो अब रफ़्तार कम कर रहे थे और इसले उलट मैं धीरे धीरे रफ़्तार बढा रहा था । दूसरे लूप को पूरा करने में ४० मिनट और १८ सेकेंड्स लगे ।


अब एक आखिरी लूप बाकी था । मैने निश्चय किया कि आखिरी लूप को पूरी जी जान लगाकर दौडना है । इसी लूप में एक महत्वपूर्ण मार्क हाफ़ मैराथन यानि २१.१ किमी का था ।  पिछले साल हाफ़ मैराथन दौडने मैं मुझे १ घंटा ५३ मिनट लगे थे । आज की दौड में हाफ़ मैराथन तक आने में मुझे १ घंटा और ४३ मिनट लगे । इसका मतलब १ साल में इतना दौडने से कुछ तो रफ़्तार बढी है । आखिर के पाँच किमी में मैं काफ़ी तेज दौड रहा था और लगभग हर १५ सेकेंड्स में एक धावक से आगे निकल रहा था । मैने घडी पर नजर डाली तो ठीक दो घंटा और समाप्ति की रेखा दिखायी दे रही है । आखिरी ०.४ किमी मैं पूरी तेजी से दौडा और इस लूप को ३८ मिनट और २६ सेकेंड्स में पूरा कर लिया ।


पहले लूप (८.३३३ किमी) में १ किमी दौडने का औसत समय: ५ मिनट ९.६ सेकेंड्स

दूसरे लूप (८.३३३ किमी) में १ किमी दौडने का औसत समय: ४ मिनट ५०.२ सेकेंड्स

तीसरे लूप (८.३३३ किमी) में १ किमी दौडने का औसत समय: ४ मिनट ३६.७ सेकेंड्स

पूरी २५ किमी की दौड का समय : २ घंटा १ मिनट ४४ सेकेंड्स

पूरी २५ किमी की दौड में १ किमी दौडने का औसत समय: ४ मिनट ५२ सेकेंड्स




                                           (दौड पूरी होने के बाद अपने मित्रों के साथ एक फ़ोटो हो जाये )


दौड के बाद एक जर्मन थीम पार्टी भी थी जहाँ पर हमने भी हरी टोपी में एक फ़ोटो खिंचवाया :-)




                                                              (अरे, साला मैं तो साहब बन गया :-) )

6 टिप्‍पणियां:

  1. रिकार्ड सुधारने पर बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  2. मैने फ़ैसला किया था कि आज पहला ८.३३३ किमी मैं धीमे दौडूँगा और उसके बाद रफ़्तार पकडी जायेगी।
    -----
    यह फण्डा तो जीवन की अनेक गतिविधियों में, जिनमें एक डेडलाइन मैनेज करनी होती है, में लगाया जाना चाहिये।
    जीवन भी एक दौड़ ही तो है!

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुनकर बड़ा रोचक लगता है जब तक खुद पर न पड़े. मेरी शुभकामनाऐं तुम्हारे साथ हैं और बधाई तो हमेशा है ही. अभी १६ को भारत जा रहा हूँ, आकर बात भी होगी.

    उत्तर देंहटाएं
  4. badhiya hai ji..
    aapne yah nahi bataya ki daur me kis number par aap aaye?? :)

    उत्तर देंहटाएं
  5. शुभकामनायें सदैव साथ रहेंगी !

    उत्तर देंहटाएं
  6. रन लोला रन की तर्ज़ पर रन रोहिल्ला रन। वैसे रेस का ये फंडा वाकई जीवन के कई दूसरी रेसों में भी काम आता है।

    उत्तर देंहटाएं

आप अपनी टिप्पणी के माध्यम से अपनी राय से मुझे अवगत करा सकते हैं । आप कैसी भी टिप्पणी देने के लिये स्वतन्त्र हैं ।