अंकुर और हमने चार साल झांसी में इंजीनियरिंग की (पढाई ?) करते हुये बिताये। लगभग २ महीने पहले अंकुर ने खुशखबरी दी कि वो नैनोटेक्नोलोजी की एक स्तरीय कान्फ़्रेन्स में अपने शोधकार्य पर एक पोस्टर दिखाने आ रहे हैं। फ़िर धीरे धीरे इन्तजार के दिन खत्म हुये और हम अंकुर को लेने ह्यूस्टन के हवाई अड्डे पंहुचे। वहाँ देखा कि अंकुर एक सार्वजनिक फ़ोन में सिक्के डालकर किसी को फ़ोन करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने पीछे से आवाज दी कि क्यों पैसे बर्बाद कर रहे हो, हम आ चुके हैं। बाद में पता चला कि उनके पास हमारा सही नम्बर भी नहीं था :-)
खैर उसके बाद १०-११ दिन मौज मस्ती में बीते। अब हर बात तो लिखी नहीं जा सकती तो फ़ोटो और वीडियो के बहाने बयां कर रहे हैं:
अब कुछ वीडियो भी देखिये, हमने अंकुर को ह्यूस्टन में दौडा भी दिया, ;-)
अंकुर का Hiking के बाद का इंटरव्यू
अंकुर और नीरज साथ साथ दौडते हुये
अंकुर और मनीष की दौड
मनीष और नीरज की दौड, नीरज फ़िसल पडे, मनीष बने हीरो...:-)



वाह भाई, पुराने मित्र से मिल कर मजा तो आया ही होगा. कभी नये से मिलने का मन करे तो टोरंटो चले आओ..अब आ गये हैं. अपना फोन नम्बर तो ई मेल करो.
प्रत्युत्तर देंहटाएंपुराने और नये मित्रों से मिलते रहो, चाहो तो इधर भी एक ट्रिप लगा लो।
प्रत्युत्तर देंहटाएंवाह वाह! अंकुर तो वही लग रहे हैं जैसे इलाहाबाद में मिले थे!
प्रत्युत्तर देंहटाएंऔर आप लोगों के पास सिवाय दौड़ने के कोई काम नहीं?! पढ़ाई-वढ़ाई किया करो! :)
मजेदार चित्र....
प्रत्युत्तर देंहटाएंनीरज
बहुत मस्ती हुई :)
प्रत्युत्तर देंहटाएंसर जी हम तो आपके टाइम मैनेजमेंट के कायल हो गए हैं . अक्सर तो आप दौड़ते रहते हैं , रिसर्च भी कर रहे हैं और साथ में ब्लॉग भी लिखते हैं . एक पोस्ट तो आप टाइम मैनेजमेंट पर ही लिख दीजिये , हम जैसे लोगो का भला हो जायेगा. यंहा जब से ब्लॉग पड़ने की बीमारी लगी है , पढाई का सत्यानाश हो चूका है . आप इतने सारे काम के साथ रिसर्च भी कर रहे हैं , तो टाइम मैनेजमेंट का बहुत बड़ा योगदान है.
प्रत्युत्तर देंहटाएंRegards-
Gaurav Srivastava
Allahabad
सुन्दर! सब फोटो बड़े अच्छे लगे। अंकुर और लारा का फोटॊ सबसे क्यूट लगा। :)
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